संवदिया - फणीश्वर नाथ रेणु MCQ | Class12th Hindi Antra MCQ I गद्य खंड संवदिया
फणीश्वर नाथ रेणु -संवदिया MCQs Class12th Hindi Antra
1.अंचल' शब्द से अभिप्राय है -
क. एक जिला विशेष
ख. एक राज्य विशेष
ग. एक क्षेत्र विशेष
घ.एक देश विशेष
2. फणीश्वर नाथ रेणु का जन्म हुआ था -
क. 4 मार्च 1911 को
ख. 4 मार्च 1921 को
ग. 5 मार्च 1911 को
घ. 5 मार्च 1931 को
3. मैला आँचल एक ............... उपन्यास है
क. आंचलिक
ख. ऐतिहासिक
ग. जीवनीपरक
घ. आत्मकथात्मक
4. रेणु जी ने किस आन्दोलन में सक्रिय भागीदारी की?
क. असहयोग आंदोलन
ख. भारत छोड़ो आंदोलन
ग. सविनय अवज्ञा आंदोलन
घ. किसान आंदोलन
5. "साहित्यकार का कर्त्तव्य केवल लिखने तक सीमित नहीं है बल्कि लिखकर कुछ बदला जा सके, यह महत्वपूर्ण है।" यह कथन है -
क. प्रेमचंद का
ख. जैनेन्द्र का
ग. आचार्य शुक्ल का
घ. फणीश्वर नाथ रेणु का
6. 'संवदिया' का अर्थ है -
क. डाकिया
ख. संदेशवाहक
ग. घुड़सवार
घ. रक्षक
7. मोदीआइन बड़ी बहू को जली-कटी क्यों सुना रही थी?
क. बड़ी बहू की उससे लड़ाई हुई थी।
ख. वो उससे जलती थी।
ग. बिना किसी बात के
घ. अपना उधार वापस लेने के लिए।
8. 'बहुरिया' शब्द है -
क. देशज
ख. तत्सम
ग. तद्भव
घ. विदेशज
9. बड़ी बहू ने हरगोबिन को क्यों बुलवाया था?
क. उसे अपनी स्थिति बतानी थी।
ख. उससे कर्ज़ माँगना था।
ग. उसकी शिकायत आई थी
घ. उसके द्वारा अपने मायके संदेश भेजना था।
10. 'रोम-रोम कलपने लगा' से अभिप्राय है-
क. अत्यंत दुखी होना
ख. अत्यधिक सुखी होना
ग. अत्यधिक चिंतित होना
घ. अत्यधिक निराश होना
11. आंचलिक कथाकार हैं -
क. प्रेमचंद
ख. जैनेन्द्र कुमार
ग. फणीश्वरनाथ रेणु
घ. अज्ञेय
12. संवदिया कहानी एक जीवंत चित्रण है-
क. बाल मन के दुःख और करुणा की
ख. नारी मन के दुःख और करुणा की
ग. पुरुष मन के दुःख और करुणा की
घ. बुजुर्ग मन के दुःख और करुणा की
13. बड़ी हवेली की 'टूटी ड्योढ़ी' के द्वारा लेखक ने इशारा किया है -
क. पतनशील सामंती व्यवस्था
ख. समाज का सांस्कृतिक पतन
ग. समाज का वैचारिक पतन
घ. आर्थिक पतन
14. हरगोबिन को अचरज क्यों हुआ ?
क. बड़ी बहू के बुलावे से
ख. बड़ी हवेली की 'टूटी ड्योढ़ी'को देखकर
ग. बड़ी बहू की दशा को देखकर
घ. गाँव-गाँव में डाकघर होने के बाबजूद भी संवदिया को बुलाने पर
15. कब तक ऐसे जिऊँ? किसने - किससे कहा ?
क. बड़ी बहू ने हरगोबिन से
ख. हरगोबिन ने बड़ी बहू से
ग. बड़ी बहू की माता जी ने बड़ी बहू से
घ. बड़ी बहू की माता जी ने हरगोबिन से
16. 'बथुआ साग खाकर जीना' संकेत करता है -
क. स्वास्थ्य के प्रति सजगता
ख. आर्थिक विपन्नता
ग. शाकाहारी होना
घ. आर्थिक सम्पन्नता
17. हरगोबिन की नज़र में बड़ी बहू गाँव की ............. है -
क. मालकिन
ख. बेटी
ग. लक्ष्मी
घ. दुश्मन
18. कटिहार स्टेशन पर पहुँच कर हरगोबिन को लगा कि -
क. 'सुराज' आ गया है
ख. वह रास्ता भटक गया है
ग. वह बेकार इस झमेले में पड़ गया है
घ. यहीं से लौट जाना चाहिए
19. संवदिया अपना संदेश क्यों नहीं कह पाया
क. वह भूल गया
ख. वह बड़ी बहू के भाइयों से डर गया
ग. इसमें उसे अपने गाँव की बेईज्जती लगी
घ. वह सबको गुमराह करना चाहता था
20. गाँव लौटकर उसने बड़ी बहू से क्या प्रार्थना की?
क. वह मायके के बजाय कहीं और चली जाएँ
ख. वह गाँव छोड़कर कहीं न जाएँ
ग. वह हरगोबिन के घर आ जाएँ
घ. वह शहर में अपने देवरों के पास चली जाएँ
काव्य खंड
1. जयशंकर प्रसाद - (क) देवसेना का गीत (ख) कार्नेलिया का गीत
2. विष्णु खरे - (क) एक कम (ख) सत्य
3. रघुवीर सहाय - (क) वसंत आया (ख) तोड़ो
4. तुलसीदास (क) भारत राम का प्रेम (ख) पद
5. मलिक मुहम्मद जायसी जायसी - बारहमासा
गद्य खंड
1. रामचंद्र शुक्ल - प्रेमघन की छायास्मृति
2. पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी - सुमिरिनी के मनके
3. फणीश्वर नाथ 'रेणु' - संवदिया
4. असगर वजाहत - शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
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